Home On Rent (Pic: buykerala)

दुनिया भर में अगर दो या तीन बड़े इन्वेस्टमेंट्स की लिस्ट बनाई जाए, तो उनमें प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट (Investment in Property) जरूर शामिल रहेगी। प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करने का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इसमें घाटे की गुंजाइश ना के बराबर होती है।

अगर आपने कोई घर ख़रीदा है और स्वयं इसमें नहीं भी रहते हैं तो आप इसे किराए पर चढ़ाकर अच्छी-खासी आमदनी कर सकते हैं। पर अपना घर किराए पर चढ़ाने से पहले आपको कुछ बातें बड़े ध्यान से समझ लेनी चाहिए। आइए नजर डालते हैं-

मकान जब रेंट पर दे रहे हैं तो एरिया के हिसाब से वाजिब दर (Balance Rent) ही किराए के रूप में वसूलें। ना बहुत ज्यादा और ना बहुत कम किराया होना चाहिए। ज्यादा कम किराया रखने से एक तो आपकी आमदनी पर इसका असर पड़ता है, वहीं किराया ज्यादा रखते हैं तो कोई दूसरा ऑप्शन मिलते ही किराएदार निकल जाता है।
इसकी वजह से आप की जगह कुछ दिनों के लिए खाली रह जाती है। इसी वजह से बिल्कुल वाजिब किराया आपको वसूलना चाहिए।

अगर आप की प्रॉपर्टी ज्यादा दिनों से खाली पड़ी हुई है तो इसके लिए आप आस-पड़ोस के प्रॉपर्टी एजेंट्स को बता सकते हैं या फिर ऑनलाइन और क्लासिफाइड में भी विज्ञापन (Advertise for Rent) दे सकते हैं। हालाँकि व्हाट्सएप ग्रुप भी अब एक बेहतर विकल्प हो गया है और अगर आप अपने सर्कल में इसके बारे में अपडेट करते हैं तो जल्द ही आपको किराएदार मिल जाता है।

डॉक्यूमेंट के साथ ना करें समझौता (Proper Documentation for Renting)! 
जी हाँ, यह एक ऐसा दस्तावेज है जो कानूनी रूप से आपके अधिकार सुरक्षित रखता है। रेंट एग्रीमेंट अवश्य ही बनवाएं और रेंट एग्रीमेंट में वह तमाम बातें दर्ज करें जो आपके और किराएदार के बीच में तय हुई हैं। इसमें किराए से लेकर मकान कितनी अवधि के लिए किराए पर दे रहे हैं और बिजली पानी का बिल उसमें शामिल है या नहीं... इसका ज़िक्र होना चाहिए।

अगर मकान में कोई टूट-फूट होती है तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी, मकान अगर किराएदार खाली करना चाहता है या आप खाली कराना चाहते हैं तो उसकी शर्तें क्या हैं, मकान की सिक्योरिटी कितनी जमा है इत्यादि समस्त बातें रेंट अग्रीमेंट में दर्ज होनी चाहिए। इससे आपको आने वाले दिनों में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जानकारी के लिए बता दें कि रेंट एग्रीमेंट (Two Types of Rent Agreement) सामान्यतः दो प्रकार के होते हैं। एक आपको नोटरी बना कर दे देता है और इसकी कॉस्ट सामान्य रूप से 230 - 500 तक आती है, जबकि दूसरा रेंट एग्रीमेंट कोर्ट द्वारा बनता है और इसका खर्च किराए की आधी रकम से कुछ कम होता है। हालांकि अलग-अलग स्टेट में अलग-अलग रूल्स अप्लाई होते हैं।
Renters Insurance (Pic: mldavisinsurance)

तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification)
जरा कल्पना कीजिए आप किसी को मकान किराए पर दे रहे हैं और बाद में वह कोई आतंकवादी निकलता है तो आप क्या करेंगे? आज के समय में किसी पर भी भरोसा करना बेहद मुश्किल हो गया है। खुदा ना खस्ता अगर ऐसी कोई स्थिति आती है तो पुलिस मकान मालिक के तौर पर सबसे पहले आप के ऊपर शक करेगी और आपसे प्रश्न करेगी कि आपने पुलिस वेरीफिकेशन क्यों नहीं कराया?

ऐसी स्थिति में पहले से ही सावधान रहें और पुलिस वेरिफिकेशन के लिए रेंट एग्रीमेंट की कॉपी और अपने किराएदार की समस्त जानकारी फोटो और उसके सिग्नेचर के साथ पास के पुलिस स्टेशन में सबमिट करें और वहां से रसीद भी प्राप्त करें।

इसके अतिरिक्त महीने में एक बार अपनी प्रॉपर्टी को जरूर देखें (Investigate your property, time to time)। इसके लिए आपको किराएदार से समय जरूर ले लेना चाहिए। अगर आपको लगता है कि किराएदार जानबूझकर प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा रहा है या फिर कोई ऐसी असामान्य बात आपको प्रतीत होती है तो उस संबंध में आप एक्शन ले सकते हैं।

अगर आवश्यकता होती है तो रेंट में दर्ज नोटिस पीरियड के अनुसार किराएदार से मकान खाली करा सकते हैं। 

किराये पर घर देने के संबंध में आप के क्या विचार हैं? यह कमेंट बॉक्स में बताएं।

मिथिलेश कुमार सिंह


Web Title: If you are giving a house on rent, keep these things in mind