Tax Breaks To Tenants(Pic: moneywise)
अगर आपके पास अपना घर नहीं है और आप किराए पर रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में आप प्रत्येक महीने ठीक-ठाक अमाउंट किराए के रूप में चुकता करते होंगे। वहीं ऐसे में अगर आप के ऊपर इनकम टैक्स की देनदारी बनती है तो आपके किराए की रकम पर इनकम टैक्स में छूट मिल सकती है।
जी हां इसी संबंध में आज हम यहां बात करेंगे।

अगर आवासीय परिसर के रूप में आप किराये की जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको टैक्स से छूट मिलती है। यह उन सेल्फ एंप्लॉयड (Self Employed) लोगों के लिए भी होती है जिनको एचआरए (HRA) नहीं मिलता है और वह खुद अपना व्यापार करते हैं।
इस कड़ी में बात करें तो टैक्सेबल इनकम में ₹5000 महीने की कटौती होती है पर इसमें अधिकतम कटौती सालाना ₹60000 ही होती है। हालांकि यह नियम अलग-अलग समय पर बदलते रहते हैं।

इसी प्रकार अगर आप नौकरी (Employed) करते हैं और आपका टीडीएस (TDS) कटता है तो आपको हाउस रेंट एलाउंस यानी एचआरए मिलता है। इसमें भी टैक्स कानून द्वारा आपको भत्ते पर किया गया भुगतान क्लेम करने की सुविधा प्राप्त होती है। परंतु अगर आप एचआरए में दी गई छूट को क्लेम (Tax Refund Claim) करना चाहते हैं तो आपको वास्तव में किराया चुकता करना होगा।

इस कानून में यह भी प्रावधान है कि अगर आप अपने माता पिता के साथ रहते हैं तो टैक्स में छूट को आप क्लेम नहीं कर सकते हैं। तात्पर्य है कि आप अगर वास्तव में किराया भरते हैं तो ही आप क्लेम कर सकते हैं। इसके विभिन्न प्रावधान आप और भी डिटेल में स्टडी कर सकते हैं।

अगर आप किराये की जगह को अपने व्यापार (Business) के लिए इस्तेमाल करते हैं तो ऐसी स्थिति में क्या होगा यह प्रश्न कई लोगों के मन में उठता है।
ऐसी जगहों का किराया आप अपने व्यापार के खर्चे में डाल सकते हैं। यहां तक कि अगर आपने कोई ऐसी जगह किराए पर ली है जिसमें आपका स्टाफ रहता है तो उसे भी कंपनी खर्चे (Company Expenditure) में डाला जा सकता है।
Tenant (Pic: trulia)
हालांकि यह खर्चा अगर ज्यादा बढ़ता है तब इस संबंध में नियम बदल जाते हैं, परंतु सामान्य रूप से कई कंपनियां इसे अपने खर्चे में इंक्लूड करती हैं और टैक्स में छूट पाती है।

तो देखा आपने किराएदार के तौर पर भी इस कानून से आपको राहत मिलने के पर्याप्त उपाय किए गए हैं और आपको इस छूट का लाभ अवश्य ही लेना चाहिए।

Web Title: Income tax rebate for tenants